Tips Towards Overcoming Suicidal Thoughts😋




Overcoming Suicidal Thoughts----------


Suicide cannot be a permanent solution to anything!

Suicide ("to kill oneself") is the act of intentionally causing one's own death. Suicide is often committed out of 'frustration', which is attributed to mental disorders such as depression, alcoholism or drug abuse. Stressors such as financial difficulties or difficulties in interpersonal relationships often also play a role.

Some people get so upset due to their personal problems that thoughts of suicide start coming in their mind.

When thinking of suicide, it is necessary to handle yourself and try your best to remove yourself from this negative thought. The cases of suicide among the youth are increasing.


Having thoughts of suicide is not a fault, and it does not mean that you are crazy, or weak. It only means that you are in more pain. You may feel like the pain will be with you forever but, with time and support, you can overcome your problems and move past the pain and suicidal feelings.


What to do when thoughts of suicide come?


No matter how much pain you are feeling, you are not alone. Pain can be treated and hope can be given a new direction. No matter what your status is. There are people in the world who need you, places where you can feel good. You will surely have some memorable experiences that can remind you how good life is.


It takes real courage to face death. Use this courage and courage of yours to face the difficulties of life. Make efforts to overcome depression and know your skills.

Always remember feelings are not fixed, they keep on changing. You didn't feel the way you feel today, you may be feeling something else tomorrow or next week. That's why it is very important to control your emotions.

Your absence creates sadness and pain in the lives of friends and loved ones. Whenever negative things dominate your mind and you feel that your life is in vain, then think about how many people are there who have affection for you. How sad it will be if you are not there in their life.

There are many things that you can still accomplish in your life.

  Find happiness in the little things. Do whatever makes you happy.

There are many places and experiences in life that have the potential to make you happy. You have to engage yourself with these things. Whenever negativity dominates your mind, think of all the moments in which you have found happiness.

Committing suicide is considered a crime, thinking of it is not a fault. It is a kind of mental problem, because at this time you are in pain. Do not think that this pain can never end, to get out of this problem, always stay with your family members and spend more and more time with them. Doing this also keeps you away from mental stress.


Many types of emotional pain can lead to thoughts of suicide. There can be different reasons behind the thoughts of suicide for each person. The ability to deal with them varies from person to person. Due to the breaking of a relationship with someone, due to job problems or any other personal reason, thoughts of suicide start coming in the youth. Apart from this, they also commit suicide due to health or money problems.


Why might suicide seem like the only option?


The intense emotional pain you are experiencing right now can distort your thinking. Therefore, it becomes difficult to understand the possible solutions to the problems. A therapist, counsellor, friend, or loved one can help you work through your problem. Give them a chance to help. Get help from them!

When all the problems come together in a person's life, they feel that they will never be able to get out of these problems. They do not see any hope to get out of these problems, due to which people start running away from these problems and they find suicide as their only option.

Suicidal thoughts are always temporary, it may seem like your pain and suffering will never end, but any crisis is usually temporary. Solutions to every problem are often found, feelings change and positive events happen.

Suicide is never a permanent solution to anything, so give yourself enough time to change things and let the pain subside.


When thinking of suicide, keep these things in mind -


Make a promise not to do anything, even if you are in a lot of pain right now, but hold yourself back from wrong thoughts and doing anything wrong. Make a promise to yourself that I will wait for 24 hours and will not do anything wrong to myself during that time.

avoid drugs and alcohol

If you've taken drugs or alcohol, suicidal thoughts may be stronger. When you are feeling depressed or thinking about suicide, do not use drugs or alcohol.

Don't pay attention to what people say

No one can know our personality better than us. After this the family members come to know about all our good and bad habits. Often people around us judge or try to put us down in some way or the other.

It is a habit of some people to find deficiencies in our work, but we should make ourselves strong by ignoring all these things.


Hindi Version------


आत्महत्या (Suicide) किसी बात का स्थायी समाधान हो ही नहीं सकता !

आत्महत्या 

Suicide

("स्वयं को मारना") जानबूझ कर अपनी मृत्यु का कारण बनने के लिए कार्य करना है। आत्महत्या अक्सर 'निराशा' के चलते की जाती है, जिसके लिए अवसाद,शराब की लत या मादक दवाओं का सेवन जैसे मानसिक विकारों को जिम्मेदार ठहराया जाता है ! तनाव में जैसे वित्तीय कठिनाइयां या पारस्परिक संबंधों में परेशानियों की भी अक्सर एक भूमिका होती है। 

कुछ लोग अपनी निजी समस्याओं के चलते इतने परेशान हो जाते हैं कि उनके मन में आत्महत्या करने के ख्याल आने लगते हैं। 

आत्महत्या के ख्याल आने पर जरूरी है कि खुद को संभालें और इस नकारात्मक विचार से खुद को दूर करने की भरपूर कोशिश करें। युवाओं में आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं।


आत्महत्या के ख्याल आना दोष नहीं है और इसका मतलब यह भी नहीं है कि आप पागल हैं, या कमजोर हैं। इसका केवल यह अर्थ है कि आप ज्यादा दर्द में हैं। हो सकता है आपको लग रहा हो कि ये दर्द आपके साथ हमेशा रहेगा लेकिन, समय और समर्थन (Support) के साथ, अपनी समस्याओं को दूर कर सकते हैं और दर्द और आत्महत्या की भावनाओं से खुद को पार ले जाएंगे।


आत्महत्या के विचार आने पर क्या करना चाहिए?


चाहें कितना भी दर्द महसूस कर रहे हों, आप अकेले नहीं हैं। दर्द का इलाज किया जा सकता है और आशा को एक नई दिशा दी जा सकती है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी स्थिति क्या है। दुनिया में ऐसे लोग हैं जिन्हें आपकी जरूरत है, ऐसी जगहें जहां आप अच्छा महसूस कर सकते हैं। आपके साथ जरूर कुछ ऐसे यादगार अनुभव होंगे, जो आपको याद दिला सकते हैं कि जीवन कितना अच्छा है।


मौत का सामना करने के लिए असली हिम्मत चाहिए। अपनी इसी हिम्मत और साहस का उपयोग जीवन की कठनाइयों का सामना करने के लिए कीजिए। अवसाद (Depression) पर काबू पाने और अपने कौशल को जानने के लिए प्रयास कीजिए।

हमेशा याद रखिए भावनाएं निश्चित नहीं हैं, वे लगातार बदलती रहती हैं।  आज जैसा महसूस कर रहे हैं, वैसा कल महसूस नहीं किया था कल या अगले सप्ताह आपको कुछ और महसूस हो रहा होगा। इसलिए अपनी भावनाओं पर कंट्रोल करना बेहद जरूरी है।

आपकी अनुपस्थिति मित्रों और प्रियजनों के जीवन में दुख और पीड़ा पैदा करती है। जब भी दिमाग पर नकारात्मक बातें हावी हो और आपको लगे कि आपका जीवन व्यर्थ है तो आप यह सोचें कि कितने लोग हैं जिन्हें आपसे लगाव हैं। उनकी जिंदगी में आपके होने से कितना दुख होगा।

कई चीजें हैं, जो आप अभी भी अपने जीवन में पूरा कर सकते हैं। 

 छोटी-छोटी चीजों में खुशियां ढूंढें। हर वो काम करें जिससे आपको खुशी मिले।

जीवन में ढेर सारी जगहें, अनुभव हैं, जो आपको खुश करने की क्षमता रखते हैं। आपको इन चीजों से खुद को जोड़े रखना होगा। जब भी दिमाग में नकारात्मकता हावी हो तो उन सभी पलों के बारे में सोचें जिनमें आपको खुशी मिली हो।

आत्महत्या करना एक अपराध माना जाता हैं, इसका ख्याल आना एक दोष नहीं हैं। यह एक तरह की मानसिक समस्या है, क्योंकि इस टाइम आप दर्द में होते हैं। आप यह समझें कि यह दर्द कभी खत्म नहीं हो सकता, इस समस्या से निकलने के लिए हमेशा अपने घरवालों के साथ रहें और ज्यादा से ज्यादा समय उन्हीं के साथ बिताएं। ऐसा करना आपको मानसिक तनाव से भी दूर रखता है।


कई तरह के भावनात्मक दर्द आत्महत्या के विचारों को जन्म दे सकते हैं। हर व्यक्ति के लिए आत्महत्या के विचार आने के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इनसे निपटने की क्षमता हर व्यक्ति में अलग-अलग होती है।  युवाओं में किसी से रिलेशनशिप टूटने के चलते, जॉब की परेशानियों के चलते या अन्य किसी निजी कारणों की वजह से सुइसाइड के विचार आने लगते हैं। इसके अलावा, सेहत या पैसों की समस्या के चलते भी सुइसाइड कर लेते हैं।


आत्महत्या क्यों एकमात्र विकल्प की तरह लग सकता है?

 अभी जो गहन भावनात्मक पीड़ा आप अनुभव कर रहे हैं, वह आपकी सोच को विकृत कर सकती है। इसलिए, समस्याओं के संभावित समाधान को समझ पाना कठिन हो जाता है। चिकित्सक, परामर्शदाता, मित्र या प्रियजन आपकी समस्या का समाधान करने में मदद कर सकते हैं। उन्हें मदद करने का मौका दें। उनसे मदद लें!

 जब किसी व्यक्ति के जीवन में सभी समस्याएं एक साथ आती हैं, तो उन्हें लगता है कि इन समस्या से वो कभी बाहर नहीं निकल पाएंगे। उन्हें इन समस्याओं से निकलने की कोई उम्मीद नहीं दिखती, जिसके चलते लोग इन समस्याओं से भागने लगते हैं और उन्हें इनका एकमात्र विकल्प सुइसाइड लगता है।

   सुइसाइड के विचार हमेशा अस्थायी होते हैं, ऐसा लग सकता है कि आपका दर्द और दुख कभी खत्म नहीं होगा, लेकिन कोई भी संकट आमतौर पर अस्थायी होते हैं। हर समस्या के समाधान अक्सर पाए जाते हैं, भावनाएं बदलती हैं और सकारात्मक घटनाएं घटती हैं। 

आत्महत्या किसी बात का स्थायी समाधान हो ही नहीं सकता इसलिए, चीजों को बदलने के लिए और दर्द कम होने के लिए खुद को पूरा समय दें।


आत्महत्या का ख्याल आने पर इन बातों का रखें ध्यान -


कुछ भी नहीं करने का वादा करें, भले ही आप अभी बहुत दर्द में हैं लेकिन, गलत विचारों और कुछ भी गलत करने से खुद को रोककर रखें। अपने आप से एक वादा करें कि मैं 24 घंटे इंतजार करूंगा और उस दौरान कुछ भी खुद के साथ गलत नहीं करूंगा।

दवाओं और शराब से बचें

अगर आपने ड्रग्स या एल्कोहॉल लिया है, तो आत्महत्या के विचार और भी मजबूत हो सकते हैं। जब आप निराशा महसूस करते हैं या आत्महत्या के बारे में सोच रहे हों, तो नशीली दवाओं या एल्कोहॉल का उपयोग नहीं करना चाहिए।

लोगों की बातों पर ध्यान दें-

हमारा व्यक्तित्व कैसा है, इस बात को हमसे ज्यादा कोई और बेहतर नहीं जान सकता। इसके बाद परिवार के लोगों को हमारी सभी अच्छी-बुरी आदतों के बारे में पता होता है। अक्सर हमारे आस-पास के लोग किसी किसी तरह से हमें जज करते हैं या नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं।

हमारे काम में कमी निकालना कुछ लोगों की आदत होती है, लेकिन हमें इन सभी बातों को नजरअंदाज करके खुद को स्ट्रॉन्ग बनाना चाहिए और अपनी सभी कमियों को जानकर उनको दूर करने की कोशिश करनी चाहिए, कि हताश होकर हार मान लेनी चाहिए। जो भी व्यक्ति आपको नेगेटिव फील करवाता है, उससे हमेशा दूरी बनाकर रखें। ऐसे लोगों से दूर रहने में ही आपकी भलाई है।

शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से व्यायाम करना बहुत फायदेमंद होता है। यह आपके शरीर में सकरात्मक ऊर्जा लाता है और दिमाग में जो भी बुरे विचार आते हैं, उनको दूर करता है।

आपको हमेशा ऐसे व्यायाम करने चाहिए, जिससे आपका स्ट्रेस लेवल कम हो और शरीर में पॉजिटिव हार्मोन्स बनें।    

मेडिटेशन से भी स्ट्रेस को कम किया जा सकता है। आज के युग में योग एक ऐसा उपाय है, जिसकी मदद से आप अपनी हर बीमारी का निवारण कर सकते हैं।

अपने घर को सुरक्षित बनाएं

उन चीजों को हटा दें, जिनका उपयोग आप खुद को चोट पहुंचाने के लिए कर सकते हैं जैसे कि गोलियां, चाकू, छुरा आदि। 

जब भी आत्महत्या का विचार आएं, तो किसी अपने से बात करें। किसी बेहतर माहौल में जाएं और लोगों की बात सुनें और समझें। कभी-कभी कुछ बोल देना और सुन लेने से ही दिल का बहुत भारी बोझ हल्का हो जाता है। खुद के लिए मजबूती के साथ खड़े रहें। ध्यान रहे कि कोई भी समस्या या दर्द आपके जीवन से बड़ी नहीं हो सकती!


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